लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर करीब पचास दिनों की तनातनी के बाद अबचीन पीछे हटने के लिए मान गया है. असलहे, गोले बारूद, हथियार, फौज सबकी तैनाती करके उसने अपनी ताकत दिखानी चाही लेकिन हिंदुस्तान का रुख और ताकत देखकर उसको लग गया कि अगर उसने हिंदुस्तान को अब छेड़ने की कोशिश की तो ये उसको बहुत भारी पड़ेगा. खुद आर्मी चीफ वहां पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं.
दुनिया जिस वक्त कोरोना से लड़ रही थी, उस वक्त चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा था. उसने भारत के साथ लद्दाख में नियंत्रण रेखा पर नया विवाद शुरू कर दिया. इस चक्कर में पचास दिन तक भारत को गलवान घाटी में चीन को मुंहतोड़ जवाब देना पड़ा. लेकिन अब चीन रास्ते पर आता दिख रहा है
चीन की चिंता कूटनीतिक स्तर पर बढ़ गई है. गलवान घाटी में भारतीय सेना के मुंहतोड़ जवाब के बाद चीन तो सकते में है ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मॉस्को दौरे से चीन और ज्यादा चिंतित है. रूस के साथ भारत की दोस्ती और एस 400 मिसाइल ने चीन की परेशानी को बढ़ा दिया है.
चीन ने भिड़ंत में भारतीय सेना का सख्त रवैया और पराक्रम देख लिया है. भारत अब चौकस नौसेना, ताकतवर थल सेना और अत्याधुनिक हथियारों से लैस वायुसेना वाला भारत है.जो किसी भी देश को पटखनी देने का पूरा दमखम रखता है.