उत्तरकाशी,जाड़ भोटिया जन कल्याण समिति ने नेलांग व जादूंग को मॉडल गांव के रूप में विकसित किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विस्थापित नहीं किया है बल्कि गांवों से हटाया गया है।
जाड़ भोटिया जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सेवक राम भंडारी व कोषाध्यक्ष गुमान सिंह नेगी ने कहा कि भारत चीन युद्ध के दौरान नेलांग व जादुंग गांव को खाली करा दिया गया था। तब यहां के ग्रामीण अपने ग्रीष्मकालीन पड़ाव बगौरी व वीरपुर डुंडा आ गए थे। नेलांग व जाद़ुंग में सेना व आईटीबीपी ने ग्रामीणों की भूमि पर हेलीपैड, फायरिंग रेंज, बंकर आदि निर्माण कार्य किए हैं, जिसकी ग्रामीणों से अनुमति भी नहीं ली गई है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी प्रशासन से मांग है कि नेलांग व जादुंग को इनर लाइन व गंगोत्री नेशनल पार्क से बाहर किया जाए। ग्रामीणों को 1962 से अब तक का फसल मुआवजा दिया जाए। दोनों गांवों में मूलभूत सुविधाएं विकसित कर मॉडल गांव बनाया जाए।