आतंकियों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली आईईडी का अब रिमोट से चलने वाले वाहनों से पता लगाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस रिमोट से चलने वाले आधुनिक तकनीक वाले वाहन खरीदने जा रही है। 6 मार्च से इस प्रक्रिया का आगाज होगा। ऐसे वाहन इस्तेमाल करने वाली जम्मू-कश्मीर पुलिस देश की पहली पुलिस होगी। अब तक सेना चुनिंदा जगहों पर इस प्रकार के वाहनों का इस्तेमाल कर रही है।
सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आतंकी अब आईईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में नए वाहन इस प्रकार के हमलों को रोकने में कारगर साबित होंगे। सड़क या अन्य जगहों पर लगी आईईडी का पता लगाने के साथ इसमें लगी तकनीक आईईडी को निष्क्रिय भी कर सकेगी। इस समय बम निरोधक दस्तों की मदद से आईईडी का पता लगाया जाता है। बम निरोधक दस्ते के विशेषज्ञ ही इसे नष्ट भी करते हैं।