राजस्थान
कोरोना से बिगड़ रहे हालातों के बीच ऊर्जा देने वाली सूचनाएं सामने आती हैं तो मन को सुकून मिलता है। साथ ही, इससे सीख के साथ सबक भी मिलता है। राजस्थान के पाली शहर से इसी तरह की ऊर्जा देने वाली खबर आई है। 80 साल के बुजुर्ग ने कोरोना को पटखनी दी है। यह सब धैर्य, हिम्मत, डॉक्टरों की देखरेख और योग से संभव हो पाया है। आधे फेफड़े संक्रमित तो हो ही चुके थे, हृदय रोगी भी हैं। ऐसे में कोरोना का संक्रमण जानलेवा था। फिर भी इस बुजुर्ग ने जीवन की जंग जीती और महज 9 दिन अस्पताल में रहने के बाद स्वस्थ होकर घर लौट आए। उनका नाम है प्रभुदास वैष्णव। पाली के टैगोर नगर में रहते हैं शिक्षक पद से रिटायर्ड प्रभुदास वैष्णव को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। चिकित्सक को दिखाया तो सीटी स्कैन में फेफड़े का स्कोर 12/25 आया। मतलब करीब आधा फेफड़ा कोरोना से संक्रमित हो चुका था। 26 अप्रैल को बांगड़ अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉ. एचएम चौधरी, वीरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में दवाइयां नियमित रूप से लीं। नियमित अस्पताल में योग, प्राणायाम करने लगे। उसी का नतीजा है कि कोरोना को हराने में सफल रहे। 3 मई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दवाइयां अभी भी चल रही हैं।अस्पताल में प्रभुदास वैष्णव सुबह-शाम योग, प्राणायाम नियमित करते थे। बीमार होने के दौरान उन्होंने अनुलोम-विलोम करने की संख्या बढ़ा दी प्रभुदास वैष्णव ने कहा कि जब में इस उम्र में ठीक हो सकता हूं तो आप भी हो सकते हैं। बस, मन में सकारात्मक सोच रखें। चिकित्सकों द्वारा दी जाने वाली दवाइयां समय पर लें तथा नियमित योग, प्राणायाम, व्यायाम जरूर करें।