प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 दिन का रोम दौरा खत्म करने के बाद COP26 समिट में शामिल होने ग्लास्गो पहुंचे। यहां उन्होंने दुनिया के सामने जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत का एजेंडा सामने रखा। कॉप 26 में एक्शन एंड सॉलिडेरिटी: द क्रिटिकल डिकेड सेगमेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने ऋग्वेद की दो लाइनों से अपनी स्पीच शुरू की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- हमारी संस्कृति में हजारों साल पहले यह मंत्र दिया गया था। संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्… यानी सभी मिलकर साथ चलें। सब मिलकर संवाद करें और सभी के मन भी मिले रहें।
मैं पहली बार जब पेरिस क्लाइमेट समिट में आया था तो मानवता के लिए कुछ बात करने आया था। मेरे लिए पेरिस समिट नहीं सेंटीमेंट और कमिटमेंट था। हमारे यहां ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ कहा जाता है। यानी सभी सुखी रहें। मोदी ने LIFE यानी लाइफ स्टाइल फॉर एनवायर्नमेंट का मंत्र देते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अहम से वयम के कल्याण का यही रास्ता है।