देहरादून।
देहरादून। भगवान गणेश प्रथम पूज्य देव माने जाते हैं। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम को करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। कहा जाता है कि गणेश जी की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं। इसलिए उनको विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। इसी दिन से गणेश उत्सव की भी शुरुआत होती है। इस साल गणेश उत्सव 19 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर को अनंत चतुर्दशी वाले दिन इसका समापन होगा। गणेश चतुर्थी के दिन घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाती है और विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके अलावा शास्त्रों में कुछ ऐसे काम भी बताए गए हैं, जिन्हे गणेशी चतुर्थी के दिन नहीं करना चाहिए। इन कार्यों को करने से जीवन में दरिद्रता आती है। ऐसे में चलिए जानते हैं गणेश चतुर्थी के दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए…
प्याज- लहसुन न खाएं
यदि आप भी बप्पा को अपने घर ला रहे हैं और उन्हें स्थापित करने वाले हैं तो लहसुन-प्याज का इस्तेमाल न करें। इस दिन आपको बिल्कुल सात्विक भोजन ही खाना चाहिए।
आज गणेश चतुर्थी पर रखें इन बातों का ध्यान –
तुलसी न चढ़ाएं
हिंदू धर्म में तुलसी की पत्तियों को शुभ माना जाता है। पूजा-पाठ में तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल जरूर किया जाता है, लेकिन गणपति बप्पा की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना जाता है। इसलिए इस दिन तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल न करें।
अपशब्द न बोलें
गणेश चतुर्थी दिन व्यक्ति को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। इस दिन भूल से भी किसी को अपशब्द न कहें वरना आपको पूजा का कोई फल प्राप्त नहीं होगा। साथ ही आप पाप के भागीदार हो सकते हैं।
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इस रंग के कपड़े न पहनें
गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की पूजा की जाती है और पूजा में कभी भी काले रंग का वस्त्र नहीं पहनना चाहिए। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन काले वस्त्र पहनने से दांपत्य जीवन पर बुरा असर पड़ता है और पति पत्नी के रिश्ते में तनाव पैदा होता है।
गणेश चतुर्थी पर करें गणपति बप्पा की ये आरती, जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि
कहा जाता है कि गणेश जी की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं। इसलिए उनको विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। इसी दिन से गणेश उत्सव की भी शुरुआत होती है। इस साल गणेश उत्सव 19 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर को अनंत चतुर्दशी वाले दिन इसका समापन होगा। गणेश चतुर्थी के दिन घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाती है और विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके अलावा शास्त्रों में कुछ ऐसे काम भी बताए गए हैं, जिन्हे गणेशी चतुर्थी के दिन नहीं करना चाहिए। इन कार्यों को करने से जीवन में दरिद्रता आती है। ऐसे में चलिए जानते हैं गणेश चतुर्थी के दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए…
प्याज- लहसुन न खाएं
यदि आप भी बप्पा को अपने घर ला रहे हैं और उन्हें स्थापित करने वाले हैं तो लहसुन-प्याज का इस्तेमाल न करें। इस दिन आपको बिल्कुल सात्विक भोजन ही खाना चाहिए।
आज गणेश चतुर्थी पर रखें इन बातों का ध्यान –
तुलसी न चढ़ाएं
हिंदू धर्म में तुलसी की पत्तियों को शुभ माना जाता है। पूजा-पाठ में तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल जरूर किया जाता है, लेकिन गणपति बप्पा की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना जाता है। इसलिए इस दिन तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल न करें।
अपशब्द न बोलें
गणेश चतुर्थी दिन व्यक्ति को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। इस दिन भूल से भी किसी को अपशब्द न कहें वरना आपको पूजा का कोई फल प्राप्त नहीं होगा। साथ ही आप पाप के भागीदार हो सकते हैं।
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इस रंग के कपड़े न पहनें
गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की पूजा की जाती है और पूजा में कभी भी काले रंग का वस्त्र नहीं पहनना चाहिए। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन काले वस्त्र पहनने से दांपत्य जीवन पर बुरा असर पड़ता है और पति पत्नी के रिश्ते में तनाव पैदा होता है।
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