जी – 20 में २४ अफ्रीकी देशों के संगठन को सम्मलित करवा दिया, पर्यावरण संरक्षण पूरे विश्व का दायित्व विषय पर भी सहमति बनी ग्रीन फ्यूल उपयोग के लिए विश्व के कई देशों का एक संगठन बना गये। ये युद्ध का नहीं बल्कि सृजन का समय है सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास इस मोदी ‘मंत्र’ पर मंच की सहमति बनवाने के लिए वर्ल्ड लीडर मोदी ने रूस चीन और अमेरिका जैसे खुंखार देशों और सभी दुर्दांत हिंसक इस्लामी आतंकवादियों को कड़ा संदेश भी दिया।
अब भारत वर्ष को भारत ही कहा जायेगा। राजधानी दिल्ली भारत के मंडपम में ऐसा कि बस देखते ही रह गये! प्यारे देश वासियों जी 20 में बड़ी बड़ी हस्तियों के आगमन हुआ। लेकिन जीरो एरर खास प्रबंध जो बिल्कुल त्रुटिहीन है। चारों ओर भव्यता का दर्शन हो रहा है। 20 में विश्व अतिथियों के आगमन होना उनका विश्राम और खानपान का शानदार प्रबंध किया गया है। इसलिए यूपीआई के माध्यम से कुछ भी कहीं भी खरीद की सुविधा दी गई है! जी 20 के प्रतिनिधि हो या विशेष आमंत्रित देश हो। सबसे उच्चस्तरीय व्यक्ति संपर्क का प्रबंध किया है। जी 20 का पहला दिन बैठक का बेहद सफल रहा और एतिहासिक निर्णय भी लिये गये है जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडन सहित अनेक राष्ट्राध्यक्षों से प्रधानमंत्री की वन टू वन वार्ता हुईं है। बैठक से पहले रात भर चर्चाएं भी हुई हैं, प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी से डेलीगेशंस मिलते रहे और बैठकें करते रहे हैं! जिसमें गजब का प्रबंधन देखने को मिले हैं सब कुछ अप टू डेट मिला है! सब कुछ समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हो रहा है! आज 10 बजे से जी 20 की बैठकों के मुख्य दौर शुरू हुए ! प्यारे भाईयों एवम बहनों अभी तक हम ने ऐसी बड़ी बैठकों को विदेशों में होते हुए टीवी पर देखा सुना करते थे। लेकिन अब यह मैगा इवेंट अपने देश भारत में होता हुआ देखकर अनुभव कर रहे हैं! प्यारे भाईयों हमारे देश में एक दौर में प्रगति मैदान में 1972 और 1982 में दो बड़े इवेंट आयोजित किए गए लेकिन जी 20 की तो बात ही निराली है!जिसमें भारत मंडपम का एतिहासिक निर्माण कराकर यह एक अद्वितीय एवम भारत के लिए एऐतिहासिक अवसर का आयोजन है! कल रात को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 2000 विदेशी खास मेहमानों के लिए शानदार भोज का आयोजन किया गया था। यूं तो उन सभी होटलों में खानपान के उच्चस्तरीय प्रबंध किए गए हैं!लेकिन राष्ट्रपति महोदया जी की रात्रि भोज की बात ही निराली रही !बीता कल आगमन का दिन था अतः सारा जोर स्वागत और परिचय को समर्पित किया गया था।आज और कल कामकाज के दिन हैं। जिसमें जी 20 वे देश हैं जो दुनिया की जीडीपी के 85% हिस्सेदार हैं पूरे वर्ष जी 20 की बैठकों को समर्पित कर प्रधानमंत्री ने भारत के लिए पहले ही सबसे बड़ा बाजार जुटाया है!अब दो दिनों की बैठक में संयुक्त घोषणा पत्र पर जोर रहेगा ताकि सभी देश इस बैठक का लाभ जुटा सकें!भारत का यह आयोजन किस स्तर का है! ब्राजील के राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है! उन्होंने कहा है कि इस स्तर का आयोजन करना उनके लिए संभव ही नहीं है। भारत विश्व में आज किस मुकाम पर खड़ा है! वह विश्व दुनिया के सबको पता चल गया है। हमारा देश भारत सपेरों,बंदरों और भालुओं को नचाने की छवि को कितने पीछे छोड़ आया है, भारत ने सचमुच में यह एतिहासिक आयोजन करके दिखा दिया है! इसी लिए मोदी जी हैं तो ये सब कुछ मुमकिन है।