साहिया: स्थानीय प्रशासन ने चमोली के रैणी-तपोवन में आए विनाशकारी जल प्रलय के शिकार हुए जौनसार के मृतक आश्रितों को 16 लाख की सहायता राशि के चेक दिए। राजस्व अधिकारियों ने मृतक आश्रितों के घरों मे जाकर गमगीन स्वजनों को चार-चार लाख की सरकारी मदद दी। राजस्व अधिकारियों ने कहा कि रैणी आपदा में लापता अन्य पांच श्रमिकों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने पर उनके आश्रितों को नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी।
फरवरी-2021 में चमोली के रैणी-तपोवन में आई भीषण आपदा के चलते बड़े पैमाने पर जान-माल को नुकसान हुआ था। इस विनाशकारी जल प्रलय में दो सौ से अधिक लोग लापता हो गए, जिन्हें तलाशने को स्थानीय पुलिस-प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आइटीबीपी, सेना व एयर फोर्स ने संयुक्त सर्च अभियान चलाया। कई दिन चले सर्च अभियान के बाद रैणी आपदा में लापता हुए कुछ श्रमिकों के शव बरामद हो गए, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। जिनका कोई अता-पता नहीं चल रहा। जोशीमठ के पास रैणी-तपोवन में आए विनाशकारी जल प्रलय में ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट भी तबाह हो गया। भीषण आपदा की चपेट में आने से ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में काम करने गए जौनसार के पंजिया निवासी दो सगे भाई समेत नौ श्रमिक लापता हो गए। जल प्रलय में लापता हुए जौनसार के पंजिया, समाल्टा-ददौली, सहिया-नेवी, पाटा, फटेऊ व खतार निवासी नौ श्रमिक काल का शिकार हो गए। इनमें से चार श्रमिकों के शव बरामद हो गए, जबकि पांच श्रमिक अभी भी लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं चल पाया। एसडीएम कालसी संगीता कनौजिया के निर्देशन में स्थानीय प्रशासन के राजस्व उपनिरीक्षक साहिया क्षेत्र जयलाल शर्मा, समाल्टा क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक सुखेदव जिनाटा, कनबुआ क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक कमलेश शर्मा व रजिस्ट्रार कानूनगो मुन्नाराम वर्मा ने आश्रितों में साहिया-नेवी की भादो देवी, समाल्टा-ददौली की आमा देवी, समाल्टा के भगतू व पंजिया के जवाहर सिंह समेत चार आश्रितों को प्रति परिवार चार-चार लाख निर्धारित सहायता राशि के हिसाब से कुल 16 लाख की सरकारी मदद बांटी। राजस्व उपनिरीक्षक कमलेश शर्मा ने कहा कि आपदा में लापता हुए क्षेत्र के पांच अन्य श्रमिकों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की सूरत में उनके आश्रितों को नियमानुसार सहायता राशि के चेक दिए जाएंगे।