उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ के प्रदेश सचिव सुभाष कुमार ने पत्रकार हितों को ध्यान में रखते मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को एक मांग पत्र भेजकर राज्य के पत्रकारों को पुलिस कर्मियों की भांति फ्रंट लाईन वर्कर घोषित किये जाने की मांग की है।
निम्नलिखित मांग पत्र इस प्रकार है* –
1. पत्रकारिता के दौरान कोरोना की चपेट में आकर जो पत्रकार अपनी जीवन लीला समाप्त कर चुके है उन्हें फ्रंट लाईन वर्कर घोषित करते हुए उनके परिवारों के भरण पोषण के लिए 50,00000 (पचास लाख) रुपये की धनराशि स्वीकृत की जाए।
2., जो पत्रकार कोरोना पॉजिटिव हुए है उनका विशेष रूप से ख्याल रखा जाए और इस बात की पुष्टि की जाती रहे कि उनके इलाज व दवाई में कोई कमी ना आये।
महासंघ ने कहा कि राज्य से जुड़े हमारे पत्रकारों को कर्मचारियों की भांति फ्रंट लाईन वर्कर घोषित कर दिया जाता है तो राज्य में सरकार का संक्रमण बचाव अभियान स्वत: ही सफल हो जाएगा।