हेमकुंड पहुंचे दो ट्रैकर एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाले

गोपेश्वर,  कोरोना काल में कपाट बंद होने के बावजूद एक विदेशी ट्रैकर समेत दो लोग हेमकुंड साहिब पहुंच गए। प्रशासन को इसकी जानकारी तब मिली, जब घांघरिया से वापस लौटे उनके एक विदेशी साथी ने बीती देर रात गोविंदघाट थाने में दोनों के लापता होने की सूचना दी। इस पर प्रशासन ने शुक्रवार सुबह राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) व पुलिस की टीम को उनकी मदद के लिए भेजा। बताया गया कि हेमकुंड में पुलिस टीम को देखकर ट्रैकर छिपने लगे। हालांकि, टीम उन्हें सुरक्षित निकालकर घांघरिया ले आई है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि ट्रैकर पुलना-घांघरिया से आगे कैसे गए, इसकी जांच की जाएगी। लेकिन, फिलहाल उन्हें सुरक्षित वापस लाना प्रशासन की प्राथमिकता थी।
प्रशासन को सूचना मिली कि दो विदेशी समेत तीन ट्रैकर घांघरिया-हेमकुंड साहिब ट्रैक पर निकले थे। इनमें से फ्रांस निवासी मैथ्यू तो घांघरिया से सुरक्षित वापस लौट आए, लेकिन 35-वर्षीय अलजोशा (स्लोवाकिया) व 29-वर्षीय हरप्रीत (चंडीगढ़) का कोई पता नहीं चल रहा। उनसे संपर्क भी नहीं हो रहा। बताया गया कि 23 जून को तड़के जब वह गोविंदघाट से हेमकुंड के लिए निकले तो पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। सुबह 11 बजे के आसपास तीनों ट्रैकर 14 किमी पैदल चलकर घांघरिया पहुंचे। वहां गुरुद्वारे में मौजूद सेवादारों ने उन्हें रोककर हेमकुंड साहिब की यात्रा व फूलों की घाटी की सैर बंद होने की जानकारी देते हुए वापस लौटने को कहा। इस पर मैथ्यू तो लौट आए, लेकिन अलजोशा व हरप्रीत ने उनकी एक न सुनी और हेमकुंड के लिए रवाना हो गए। गोविंदघाट थाना प्रभारी सुमंत राणा ने बताया कि जब वे गुरुवार देर रात तक भी वापस नहीं लौटे तो मैथ्यू ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बताया कि शुक्रवार सुबह जब एसडीआरएफ व पुलिस की टीम उनकी तलाश में हेमकुंड पहुंची वह उसे देखकर छिपने लगे। लेकिन, शुक्रवार देर शाम रेस्क्यू टीम इंचार्ज मंगल सिंह भाकुनी ने सेटेलाइट फोन से कंट्रोल रूम को सूचित किया गया कि दोनों ट्रैकर हेमकुंड के पास मिल गए हैं। वह पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन घबराए हुए हैं।

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