फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले 14 और शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

देहरादून, उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने वाले 14 और शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसआईटी ने पिछले दिनों शिक्षा महानिदेशक को 25 शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा था। इसके बाद इन 14 के खिलाफ प्राथमिक पड़ताल के बाद रुद्रप्रयाग जनपद में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बाकी के खिलाफ महानिदेशालय में जांच चल रही है।
एसआईटी ने लगभग 10 हजार शिक्षकों के हजारों प्रमाणपत्रों का सत्यापन शुरू किया। चार सालों से लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में एएसपी लोकजीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी काम कर रही है।
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एसआईटी को पिछले दिनों रुद्रप्रयाग जिले के 25 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी होने की बात पता चली थी। इसके बाद इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए शिक्षा महानिदेशक को लिखा गया था। गत दिनों शिक्षा महानिदेशक की ओर से 14 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की रिपोर्ट दी थी। लिहाजा, रुद्रप्रयाग में उनके खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी शिक्षकों में कांति प्रसाद, सहायक शिक्षक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जैली, ब्लॉक जखोली, संगीता बिष्ट, सहायक शिक्षक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ब्लॉक जखोली, मोहन लाल, सहायक शिक्षक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सारी, ऊखीमठ, महेंद्र सिंह, सहायक शिक्षक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय धरातोंदला, अगस्तमुनी, राकेश सिंह, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय धरातोंदला, अगस्तमुनी, माया सिंह, सहायक अध्यापिका, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय जयकंडी, अगस्तमुनि, विरेंद्र सिंह, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जखन्याल, जखोली, विजय सिंह, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भुनालगांव, जखोली, जगदीश लाल, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जौला, अगस्तमुनी, राजू राल, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय जग्गी बगवान, ऊखीमठ, संग्राम सिंह, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय, स्यूर बरसाल, जखोली,  मलकराज, सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जगोठ, अगस्तमुनी, रघुबीर सिंह, सहायक शिक्षक, जनता जूनियर हाईस्कूल, जखन्याल, जखेली व महेंद्र सिंह, अध्यापक, राजकीय प्राथमिक स्कूल रायड़ी, जखोली शामिल हैं।
एसआईटी ने 2012 से 2016 तक भर्ती 9602 शिक्षकों के प्रामाणपत्रों का सत्यापन शुरू किया था। इनकी संख्या करीब 65 हजार है। इनमें से 35 हजार से अधिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा चुका है। किसी के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी निकले हैं तो किसी ने मूल निवास प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज फर्जी प्रस्तुत किया था। ऐसा करने वाले करीब 80 शिक्षकों के खिलाफ 68 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।

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