हरिद्वार, । सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने घाट परिसर में मौजूद साधु, भिक्षुओं को दान तर्पण कर पुण्य कमाया। स्नान दान का सिलसिला दोपहर के बाद भी जारी रहा।
सोमवती अमावस्या पर मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं ने ऋषिकेश की हृदयस्थली त्रिवेणीघाट का रुख करना शुरू कर दिया। सुबह सबेरे की ठंड भी आस्था के आड़े नहीं आयी। श्रद्धालुओं ने ठंड में गंगा में डुबकी लगायी। सुबह 9 बजे धूप खिलने से श्रद्धालुओं की आमद बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। सूर्य को अर्घ्य दिया। घाट पर विधि-विधान से पूजा अर्चना कर साधु और भिक्षुओं को सामर्थ्यनुसार दान देकर पुण्य कमाया। घाट पर कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि कोविड के चलते त्रिवेणीघाट पर स्नान पर रोक लगाए जाने की आशंका के चलते देरी से घर से निकले। घाट पहुंचकर सबकुछ सामान्य नजर आया। इसकी सूचना आसपड़ोस के लोगो को दी। लोग स्नान के लिए त्रिवेणीघाट पहुंचे। वहीं, लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम स्थित घाटों पर भी श्रद्धालुओं की चहल कदमी रही।