पौड़ी, पौड़ी के जिला अस्पताल की आवासीय कॉलोनी में बीते 16 फरवरी से अपने दो शावकों के साथ घूम रही मादा गुलदार को अभी तक न ही पिंजरे में कैद किया गया है और न ही ट्रेंकुलाइज किया जा चुका है। जिससे शहर में गुलदार की दहशत बनी हुई है। गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के लिए पौड़ी आए वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों का कहना है कि कई कारणों से गुलदार शहरी क्षेत्र में आने लगा है। गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के लिए पौड़ी आए वाइल्डलाइफ पशुचिकित्सक राकेश नौटियाल व हरिद्वार डिवीजन से डा.अमित ध्यानी का कहना है कि कई कारणों से गुलदार बस्ती में आने लगा है। बताया कि गुलदार का मानवीय बस्ती की ओर आने का एक प्रमुख कारण गांवों का खाली होना भी है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में छिपने के लिए जगह-जगह झाड़ियों का होना, शहरी क्षेत्र में जमा कूड़े से आसानी से भोजन मिल जाना भी गुलदार का आवासीय बस्ती की ओर आना कारण है। कहा कि लोगों को अपने आस पास उगी झाड़ियों को साफ कर देना चाहिए और आसपास कूड़ा नहीं फैलाना चाहिए।
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