उत्तरकाशी, गंगा विश्व धरोहर मंच ने गंगा पर विशिष्ट शोधकार्यों व उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए डॉ. मधु थपलियाल और डॉ. आशीष थपलियाल को सम्मानित किया। डॉ. मधु थपलियाल पीजी कॉलेज मालदेवता रायपुर में एसोसिएट प्रोफेसर और डॉ. आशीष ग्राफिक एरा विवि डीन बायोटेक के पद पर कार्यरत हैं।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधु थपलियाल ने कहा कि गंगा दुर्लभ व संवेदनशील जलीय जीव प्रजातियों का वास स्थल है। नदी में गिरने वाली गंदगी व कृषि और उद्योगों से निकलने वाले जहरीले रासायनिक पदार्थों के कारण बढ़ते प्रदूषण से अनेकों जीवों जैसे गांगेय डॉल्फिन, घड़ियाल, सारस क्रेन, इंडियन स्क्रीमर, स्नो ट्राउट और अन्य मछलियों के साथ कछुए की विभिन्न प्रजातियों को खतरा है। डॉ. आशीष थपलियाल ने गंगा विश्व धरोहर मंच के कार्यों की प्रशंसा की। इससे पूर्व थपलियाल दंपत्ति ने गंगा संरक्षण के कार्यों में सहयोग करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष सुधा गुप्ता, हिमालय प्लांट बैंक श्याम स्मृति वन के अध्यक्ष पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल, पीजी कॉलेज उत्तरकाशी में रसायन विज्ञान के प्राध्यापक डा. तिलक राम प्रजापति, भगवती उनियाल, गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक व शिक्षक डॉ. शंभू प्रसाद नौटियाल आदि मौजूद थे।