पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को दो किमी दूर से लाना पड़ रहा पानी

पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को दो किमी दूर से लाना पड़ रहा पानी

कोटद्वार,  दुगड्डा ब्लॉक की पुलिंडा ग्राम पंचायत के गौजेटा गांव में बीते जुलाई माह में आपदा की भेंट चढ़ी पेयजल लाइन को जलसंस्थान अक्तूबर माह के अंत तक भी ठीक नहीं करवा सका है। इस कारण गांव के 12 से अधिक परिवार दो किमी खड़ी चढ़ाई चढ़कर घने जंगलों के बीच प्राकृतिक स्रोत से पानी ला रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग से कहने के बाद भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जलसंस्थान में जेई और एसडीएम प्रमोद कुमार से मिलकर पानी की समस्या बताई।
ग्रामीण दिगंबर सिंह और सुशील रावत की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल जलसंस्थान के खंड कार्यालय पहुंचा। उन्होंने जेई से तीन माह से क्षतिग्रस्त पानी की लाइन को ठीक करवाकर गांव में पेयजल आपूर्ति की मांग दोहराई। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले दो बार वे खंड कार्यालय में पेयजल लाइन की मरम्मत की मांग कर चुके हैं। ग्राम प्रधान अनीसा बेगम भी पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत कर चुकी हैं। ग्रामीण नरेंद्र सिंह, दीमा देवी, गबर सिंह और कविता देवी का कहना है कि अतिवृष्टि से जुलाई से पेयजल लाइन टूटी पड़ी है। तब से ग्रामीण दो किमी दूर खड़ी चढ़ाई चढ़कर प्राकृतिक स्रोत से सिर पर पानी ढोकर ला रहे हैं। यह इलाका गुलदार और हाथी बहुल है। पानी की व्यवस्था करने में पूरा दिन बीत जाता है और जंगली जानवरों से अलग खतरा बना रहता है। कहा कि विभाग न तो पेयजल लाइन ठीक करवा रहा है और न ही टैंकर की व्यवस्था की गई है। र की सड़कों पर बह रहे सीवर को लेकर संबंधित अधिकारियों को समस्या के तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

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