युवाओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देकर आत्मरक्षा के गुर बताए

युवाओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देकर आत्मरक्षा के गुर बताए

विकासनगर, । क्योतोकुकान डोजो इंडिया की ओर से हरबर्टपुर के एक वेडिंग प्वाइंट में दो दिवसीय आईकिडो प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की गई। शिविर के तहत नगर क्षेत्र के युवाओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देकर आत्मरक्षा के गुर बताए जा रहे हैं।
शिविर का उद्घाटन अमेरिका से आए जेम्स फ्रीडमैन ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में बगैर हथियार के अपनी सुरक्षा करना मार्शल आर्ट है। आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की विधा में पारंगत होना जरूरी है। स्कूली शिक्षा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के लिए शारीरिक शिक्षा का होना भी बहुत जरूरी है। जिसके माध्यम से बच्चों के शरीर का विकास होता है। प्रशिक्षक आशीष राणा कहा कि कराटे सहित मार्शल आर्ट की अन्य विधाएं हमें सिर्फ शारीरिक रूप से ही मजबूत नहीं बनाती हैं। बल्कि इससे व्यक्ति मानसिक रूप से भी परिपक्व होता है। मार्शल आर्ट से शरीर में हड्डियों का विकास होता है। फैट कम होने के साथ ही एकाग्रता बढ़ती है। कहा कि आज की जीवनशैली से बच्चों का संपूर्ण विकास नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में बच्चे खेल के मैदान से दूर होते जा रहे हैं। बच्चों की शारीरिक बनावट बिगड़ रही है। मोबाइल, वीडियो गेम के प्रति बच्चों-बड़ों का रुझान बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कराटे जैसे पुरानी खेल पद्धति आत्मरक्षा के लिए तो काम आती ही है। साथ ही शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाती है। कराटे में आक्रामक और रक्षात्मक दोनों प्रकार की तकनीक सिखाई जाती है। इसमें पैर की ताकत, हाथों की जोरदार चाल के अभ्यास के साथ ही हृदय स्वस्थ और ऊपरी शरीर की शक्ति में वृद्धि होती है। इस दौरान क्योतोकुकान डोजो इंडिया के अध्यक्ष अजय मोहन पैन्यूली, डीबी राय, अमरजीत सिंह, रेनू गुप्ता, मनमीत कौर, सारिका पटेल, आशीष बिष्ट आदि मौजूद रहे।

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